भगवान शिव हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं और त्रिमूर्ति (ब्रह्मा – सृष्टि, विष्णु – पालन, शिव – संहार) में “संहार और पुनर्सृजन” के देवता माने जाते हैं। लेकिन शिव केवल संहारक ही नहीं, बल्कि करुणा, ज्ञान, तपस्या और कल्याण के प्रतीक भी हैं। उन्हें महादेव भी कहा जाता है।


भगवान शिव का स्वरूप

भगवान शिव कौन हैं?

भगवान शिव का वर्णन कुछ मुख्य रूपों में मिलता है:

जटा-जूट (लंबे जटाधारी बाल)

जिनसे गंगा माता का प्रवाह होता है।

त्रिनेत्र (तीसरी आँख)

जो ज्ञान और विनाश दोनों का प्रतीक है। तीसरी आँख खुलने पर असत्य का नाश होता है।

नीलकंठ

समुद्र मंथन के समय विषपान करने से उनका कंठ नीला हो गया था।

त्रिशूल और डमरू

त्रिशूल तीन शक्तियों का प्रतीक है और डमरू सृष्टि की ध्वनि “ॐ” का स्रोत माना जाता है।

नंदी बैल

नंदी उनका वाहन और प्रिय भक्त है।


भगवान शिव कहाँ निवास करते हैं?

भगवान शिव का निवास स्थान पवित्र कैलाश पर्वत माना गया है।


भगवान शिव के परिवार (शिव परिवार)

  • पत्नी – माता पार्वती
  • पुत्र – भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय (मुरुगन)
  • वाहन – नंदी

भगवान शिव के प्रमुख रूप

  • महाकाल
  • नटराज
  • भैरव
  • अर्धनारीश्वर
  • लिंग रूप (शिवलिंग)

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भगवान शिव के प्रमुख मंद‍िर

  • केदारनाथ
  • काशी विश्वनाथ
  • सोमनाथ
  • महाकालेश्वर
  • बैद्यनाथ
  • त्र्यंबकेश्वर
  • ओंकारेश्वर
  • रामेश्वरम